मैसेजिंग ऐप टेलीग्राम के सीईओ पावेल ड्यूरोव की गिरफ्तारी के बाद भारत सरकार भी जांच शुरू करने की योजना बना रही है। सरकार यह पता लगाना चाहती है कि कहीं इस ऐप का इस्तेमाल आपराधिक गतिविधियों के लिए तो नहीं हो रहा है, जिनमें अवैध वसूली और जुआ शामिल हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, यदि जांच में टेलीग्राम दोषी पाया गया, तो इस पर प्रतिबंध लगाया जा सकता है। इस जांच की जिम्मेदारी भारत सरकार के अधीन आने वाले इंडियन साइबर क्राइम कॉर्डिनेशन सेंटर को सौंपी जा सकती है। भारत में टेलीग्राम के लगभग 50 लाख उपयोगकर्ता हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारत सरकार की जांच का मुख्य फोकस टेलीग्राम के पीअर-टू-पीअर कम्युनिकेशन पर रहेगा, जिसमें गैर-कानूनी गतिविधियों की भी जांच की जाएगी।
टेलीग्राम के फाउंडर और सीईओ पावेल ड्यूरोव को शनिवार शाम फ्रांस के बार्गेट हवाई अड्डे पर गिरफ्तार किया गया। यह गिरफ्तारी पुलिस जांच के दौरान हुई, जिसमें पाया गया कि मॉडरेटर की कमी के कारण टेलीग्राम ऐप पर आपराधिक गतिविधियाँ बेरोक-टोक चल रही थीं। ड्यूरोव की गिरफ्तारी के बाद टेलीग्राम की ओर से पहली बार प्रतिक्रिया आई है। कंपनी ने कहा कि वह यूरोपीय संघ के कानूनों का पालन करती है, जिसमें डिजिटल सेवा अधिनियम भी शामिल है। 90 करोड़ से अधिक सक्रिय उपयोगकर्ताओं वाले इस मंच ने कहा कि पावेल ड्यूरोव के पास छिपाने के लिए कुछ भी नहीं है। कंपनी का मॉडरेशन उद्योग मानकों के अनुरूप है और इसे लगातार बेहतर बनाया जा रहा है। हम इस स्थिति के शीघ्र समाधान की प्रतीक्षा कर रहे हैं।
भारत में बैन होगा मैसेजिंग ऐप टेलीग्राम, 50 लाख यूजर्स को लगेगा झटका





