उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद में एक ही दुपट्टे से फांसी लगाकर दो लड़कियों ने आत्महत्या कर ली। सहेलियों के शव मिलने का मामला शांत नहीं हो रहा है। परिवार के सदस्य सीबीआई जांच की मांग कर रहे हैं। पुलिस ने शवों को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। एसपी का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। तहरीर के आधार पर मामला दर्ज कर जांच की जा रही है। यह घटना जन्माष्टमी वाली 26 अगस्त की रात की है। पुलिस ने इसे आत्महत्या मानकर जांच शुरू की थी, लेकिन परिजनों ने हत्या कर शव को लटकाने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि शवों पर चोट और खरोंच के निशान थे, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट में इस पर कुछ नहीं कहा गया। दोनों के अंतिम संस्कार के समय भी माहौल में काफी तनाव था। डीएम और एसपी द्वारा जांच का आश्वासन दिए जाने के बाद ही अंतिम संस्कार हो सका।
अब कांग्रेस की जनरल सेक्रेटरी प्रियंका गांधी वाड्रा ने एक्स (ट्विटर) पर सवाल उठाया है। उन्होंने पूछा कि आखिर प्रशासन बच्चियों के शव को जलाने की इतनी जल्दी क्यों कर रहा है? प्रियंका गांधी ने अपने पोस्ट में लिखा कि फर्रुखाबाद में हुई इस भयावह घटना के बाद एक पिता को सवाल क्यों उठाना पड़ रहा है? क्या एक पीड़ित पिता को अपनी बेटी के साथ घटी घटना का सच जानने का भी हक नहीं है?
प्रियंका गांधी वाड्रा ने आगे लिखा कि फर्रुखाबाद में दो दलित लड़कियों के साथ हुई घटना पर प्रशासन की कार्रवाई कई तरह के सवाल खड़े कर रही है। उन्होंने हाथरस, उन्नाव, और फर्रुखाबाद की घटनाओं का भी उल्लेख किया और लिखा कि हर जगह वही क्रूर कहानी दोहराई जाती है। क्या दलित, पिछड़े, वंचित, गरीब, महिलाएं और कमजोर लोग न्याय की उम्मीद छोड़ दें?
उत्तर प्रदेश में दो सहेलियों के आत्महत्या करने के मामला, परिजनों की सीबीआई जांच की मांग






