संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) ने बर्खास्त ट्रेनी आईएएस पूजा खेडकर के खिलाफ कोर्ट में झूठा हलफनामा दाखिल करने का आरोप लगाते हुए दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। यूपीएससी का कहना है कि खेडकर ने कोर्ट के सामने झूठा बयान दिया कि उन्हें उम्मीदवारी निरस्त करने की सूचना नहीं दी गई, जबकि यूपीएससी ने यह सूचना उनके रजिस्टर्ड ई-मेल पर 31 जुलाई को भेजी थी। कोर्ट ने पूजा खेडकर को नोटिस जारी किया है और मामले की अगली सुनवाई 26 नवंबर को होगी।
यूपीएससी की ओर से पेश वरिष्ठ वकील नरेश कौशिक ने कहा कि खेडकर ने झूठा हलफनामा दाखिल कर न्यायिक व्यवस्था की गरिमा को ठेस पहुंचाई है। पूजा खेडकर के खिलाफ यूपीएससी ने आपराधिक कार्यवाही की मांग की है। इससे पहले, हाईकोर्ट ने पूजा की गिरफ्तारी पर अंतरिम रोक लगा रखी है, जबकि पटियाला हाउस कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी थी।
पूजा खेडकर पहले भी विवादों में घिर चुकी हैं, जब कलेक्टर सुहास दिवासे ने उनके खिलाफ अवैध मांग करने की शिकायत की थी। इसके बाद, महाराष्ट्र सरकार ने उनकी ट्रेनिंग पर रोक लगाते हुए उन्हें फील्ड पोस्टिंग से हटाकर मसूरी में लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी (एलबीएसएनएए) में रिपोर्ट करने का आदेश दिया था, लेकिन वह वहां समय पर नहीं पहुंचीं।
पूजा खेडकर पर कोर्ट में झूठ बोलने का आरोप, यूपीएससी ने दिल्ली हाईकोर्ट में दायर की याचिका






