यूपी सरकार की कैबिनेट बैठक आज, पास हो सकते हैं कई प्रस्ताव

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में सोमवार को सुबह 11 बजे कैबिनेट बैठक होगी। इसमें उद्योग, नगर विकास और कुंभ मेले से जुड़े 23 से अधिक प्रस्तावों पर चर्चा होगी, जिनके पारित होने से निवेश को प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है।
रविवार को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अचानक राजधानी दिल्ली पहुंचे और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ विस्तारित बैठक की। प्रधानमंत्री आवास, 7 लोककल्याण मार्ग पर लगभग एक घंटे चली इस बैठक में दोनों नेताओं ने विधानसभा की नौ सीटों पर होने वाले उपचुनाव और अगले वर्ष जनवरी में होने वाले महाकुंभ की तैयारियों पर चर्चा की। मुख्यमंत्री योगी ने पीएम मोदी को महाकुंभ में आने का निमंत्रण भी दिया।
सूत्रों के अनुसार, इस दौरान प्रदेश में 69 हजार शिक्षक भर्ती से जुड़े विवाद के समाधान पर भी बात हुई। पीएम मोदी से मुलाकात के बाद मुख्यमंत्री योगी ने भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा से उनके आवास पर भेंट की, और देर रात उनकी गृह मंत्री अमित शाह से भी बैठक होने की संभावना है।
विधानसभा उपचुनावों से पहले इन बैठकों को पार्टी के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। लोकसभा चुनाव परिणामों के बाद यह मुख्यमंत्री योगी और प्रधानमंत्री मोदी की पहली व्यक्तिगत मुलाकात थी, जिस पर राजनीतिक गलियारों में कई अटकलें लगाई जा रही हैं।
सूत्रों के मुताबिक, बैठक में विधानसभा उपचुनावों पर विशेष ध्यान दिया गया। लोकसभा चुनाव में विपक्ष द्वारा आरक्षण और संविधान से संबंधित धारणा को लेकर हुए नुकसान की भरपाई के लिए उठाए गए कदमों पर भी चर्चा हुई। ओबीसी को सकारात्मक संदेश देने के लिए 69 हजार शिक्षक भर्ती मामले का राजनीतिक समाधान निकालने पर भी विचार किया गया।
रविवार को अचानक दिल्ली पहुंचे मुख्यमंत्री योगी और प्रधानमंत्री के बीच महाकुंभ में हिंदू समाज की एकता का संदेश देने पर भी विस्तृत चर्चा हुई। इससे पहले संघ प्रमुख मोहन भागवत के साथ हुई मुलाकात में भी मुख्यमंत्री ने इस पर चर्चा की थी और महाकुंभ में विभिन्न संप्रदायों को आमंत्रित करने की योजना साझा की थी, जिसे संघ का समर्थन मिला था।
बांग्लादेश में सत्ता परिवर्तन के बाद अल्पसंख्यक हिंदुओं पर अत्याचार के संदर्भ में मुख्यमंत्री योगी ने “बटेंगे तो कटेंगे” का नारा दिया था, जिसे संघ ने समर्थन दिया। इसके बाद प्रधानमंत्री ने “एक हैं तो सेफ हैं” का नारा दिया, जो झारखंड और महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों में भी चर्चा का विषय बना हुआ है।

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