बेंगलुरु के चर्चित अतुल सुभाष सुसाइड केस में उनकी अलग रह रही पत्नी निकिता सिंघानिया, मां निशा और भाई अनुराग को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में बेंगलुरु पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पत्नी निकिता को गुरुग्राम से और मां व भाई को प्रयागराज से गिरफ्तार किया गया। कुछ दिन पहले, अतुल ने निकिता और उनके परिवार पर उत्पीड़न और जबरन वसूली का आरोप लगाते हुए आत्महत्या कर ली थी। तीनों आरोपियों को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। शुक्रवार को बेंगलुरु पुलिस ने निकिता सिंघानिया के जौनपुर स्थित घर पर नोटिस लगाया था, जिसमें उन्हें तीन दिन के भीतर बयान दर्ज कराने को कहा गया। इसी बीच, इलाहाबाद हाई कोर्ट में निकिता, उनकी मां निशा और भाई अनुराग ने अंतरिम जमानत की अर्जी दाखिल की है।
अतुल जो AI इंजीनियर थे, महिंद्रा एंड महिंद्रा कंपनी में डीजीएम पद पर कार्यरत थे और 2019 में निकिता से उनकी शादी हुई थी, ने आत्महत्या से पहले डेढ़ घंटे का वीडियो और 24 पन्नों का सुसाइड नोट छोड़ा था। इसमें उन्होंने शादी के बाद से लेकर आत्महत्या तक के हर पहलू को विस्तार से लिखा। उन्होंने अपनी पत्नी निकिता, सास निशा, साले अनुराग और पत्नी के चाचा सुशील पर दहेज उत्पीड़न, झूठे आरोप, और आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लगाया।
शुक्रवार को बेंगलुरु पुलिस की टीम यूपी के जौनपुर पहुंची, लेकिन निकिता के घर पर ताला मिला। जानकारी के अनुसार, निकिता की मां और भाई घर बंद कर पहले ही निकल गए थे। पुलिस ने घर पर नोटिस चिपकाकर बयान दर्ज कराने के लिए कहा। निकिता ने अतुल सुभाष पर जौनपुर की कोर्ट में पांच मुकदमे दायर किए थे, जिनमें से तलाक और अन्य गंभीर आरोपों वाले दो मुकदमे वापस ले लिए गए। फिलहाल, तीन मुकदमे चल रहे हैं, जिनमें दहेज उत्पीड़न और मारपीट का मामला भी शामिल है। इसकी अगली सुनवाई 12 जनवरी 2025 को होगी। बिहार निवासी अतुल सुभाष बेंगलुरु के डेल्फिनियम रेसिडेंसी अपार्टमेंट में रहते थे। वहीं उनकी लाश मिली। मरने से पहले उन्होंने कमरे की दीवार पर दो पन्ने चिपकाए थे। एक पर बड़े अक्षरों में “जस्टिस इज़ ड्यू” लिखा था, और दूसरे पर 32 कार्यों की चेकलिस्ट थी, जिसका शीर्षक था “फाइनल टास्क बिफोर मुक्ति”।
बेंगलुरु: अतुल सुभाष आत्महत्या मामले में पत्नी, मां और भाई गिरफ्तार





