राजस्थान में अब रहेंगे 41 जिले व 7 संभाग, सीईटी की वैद्यता भी अब 3 वर्ष तक
राइजिंग राजस्थान और सरकार की पहली वर्षगांठ के बाद, भजनलाल सरकार ने शनिवार को मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) में कैबिनेट और मंत्रिपरिषद की बैठक आयोजित की। इस बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। कैबिनेट बैठक के बाद मंत्री सुमित गोदारा और जोगाराम पटेल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इन फैसलों की जानकारी दी। मंत्री जोगाराम पटेल और सुमित गोदारा ने प्रेस वार्ता में बताया कि बजट घोषणाओं को लागू किया गया है और जनघोषणा पत्र के 50% से अधिक कार्य पूरे कर लिए गए हैं। उन्होंने कहा कि राइजिंग राजस्थान कार्यक्रम बेहद सफल रहा। गहलोत सरकार द्वारा बनाए गए 9 नए जिलों को भजनलाल सरकार ने बड़ा निर्णय लेते हुए रद्द कर दिया है। ये जिले हैं: दूदू, केकड़ी, जोधपुर ग्रामीण, शाहपुरा, नीमकाथाना, अनूपगढ़, गंगापुर सिटी, जयपुर ग्रामीण, और सांचौर। इसके बाद राजस्थान में अब कुल 41 जिले रह जाएंगे। साथ ही, सीकर, पाली, और बांसवाड़ा संभाग को भी रद्द करने का फैसला किया गया है, जिसके बाद राजस्थान में केवल 7 संभाग शेष रहेंगे।
रद्द किए गए जिले और संभाग:
• समाप्त जिले: जयपुर ग्रामीण, जोधपुर ग्रामीण, दूदू, केकड़ी, शाहपुरा, नीमकाथाना, गंगापुर सिटी, अनूपगढ़, सांचौर
• संभाग: सीकर, पाली, और बांसवाड़ा
मंत्री जोगाराम पटेल ने बताया कि चुनाव से पहले बनाए गए ये जिले और संभाग व्यावहारिक नहीं थे। वित्तीय और जनसंख्या संबंधी पहलुओं को नजरअंदाज किया गया। इनमें न पर्याप्त तहसीलें थीं, न कार्यालय भवन, और न ही अन्य व्यवस्थाएं। कमेटी ने समीक्षा में पाया कि इन जिलों की उपयोगिता नहीं है और ये राज्य पर अनावश्यक भार डाल रहे थे।
समान पात्रता परीक्षा (CET) की वैधता 3 वर्ष:
भजनलाल सरकार ने CET की वैधता को 1 वर्ष से बढ़ाकर 3 वर्ष कर दिया है। अब अभ्यर्थियों को हर साल परीक्षा देने की आवश्यकता नहीं होगी।
भजनलाल सरकार के प्रमुख फैसले:
- 2025 तक 1 लाख बेरोजगारों को नौकरी देने का लक्ष्य।
- अगले 4 वर्षों में 3 लाख नौकरियों का टारगेट।
- 31 दिसंबर तक KYC न कराने वालों के नाम सूची से हटेंगे।
- खाद्य सुरक्षा योजना में नए लाभार्थियों के नाम जोड़ने का निर्णय।
- परिनिंद दंड समाप्त करने का अनुमोदन।
- TAD क्षेत्र में छात्रावास अधीक्षक की पात्रता में बदलाव।
- पशुधन सहायकों के पदनाम में परिवर्तन और तीन पदोन्नति का प्रावधान।
कैबिनेट बैठक में राजस्थान सिविल सेवा पुनरीक्षित वेतन नियम 2017 में संशोधन, राजस्थान अधीनस्थ एवं लिपिक वर्गीय सेवा समान परीक्षा नियम 2022 में संशोधन, सिद्धमुख (चूरू) के राजकीय कॉलेज का नाम शकुंतला देवी के नाम पर करने, और विधानसभा का अगला सत्र आहूत करने जैसे एजेंडों पर भी निर्णय लिया गया।






