श्रद्धालुओं के लिए 17 किमी तक बिछाया जा रहा कालीन, मेले में वीआईपी दर्शन पर रहेगी रोक, श्रद्धालुओं की कतारों के बीच गूंज उठी लखदातार की जय-जयकार
खाटूश्यामजी। हारे के सहारे बाबा श्याम का 12 दिवसीय लक्खी मेला शुक्रवार से आरंभ हो गया। तिलक और विशेष पूजन के उपरांत श्याम सरकार का दरबार संध्या को खोला गया। इसके साथ ही श्रद्धालुओं की कतारों के बीच चारों ओर लखदातार की जय-जयकार गूंजने लगी। पहले ही दिन हजारों श्रद्धालुओं ने मंदिर में शीश नवाकर बाबा के चरणों में अपनी अरदास रखी। शुक्रवार सुबह से ही बाबा श्याम के दर्शन हेतु भक्तों का आना जारी रहा। मेले के प्रथम दिन 50 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने बाबा के दर्शन कर अपनी मनोकामनाएं प्रकट कीं। अब श्याम सरकार एकादशी तक निरंतर 271 घंटे भक्तों की प्रार्थनाएं सुनेंगे। बाबा श्याम के प्रति अटूट श्रद्धा के साथ भक्त रंग-बिरंगे निशान लेकर दरबार पहुंचे। चारों ओर फैले इन निशानों से पूरा वातावरण भक्तिमय और रंगीन हो उठा। कई श्रद्धालु पैदल तो कुछ दंडवत प्रणाम करते हुए बाबा के दर्शन करने मंदिर पहुंचे।
खाटूश्यामजी मेले के लिए रींगस से लेकर मेला मार्ग तक विभिन्न स्थानों पर भंडारे आयोजित किए जा रहे हैं। इस 17 किलोमीटर लंबे मार्ग पर लगभग 100 से अधिक भंडारे लगाए जाएंगे, जिनमें से करीब 25 भंडारे पहले ही शुरू हो चुके हैं। इन भंडारों में चाय, नाश्ता, फल, भोजन, आवास एवं चिकित्सा जैसी सुविधाएं निःशुल्क प्रदान की जा रही हैं। श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए मेले की अवधि भी बढ़ा दी गई है। पहले यह मेला केवल एकादशी को आयोजित होता था, बाद में इसे दो दिन का किया गया। पांच वर्ष पूर्व तक दशमी, एकादशी और द्वादशी को मेला आयोजित किया जाता था, लेकिन धीरे-धीरे इसकी अवधि बढ़ाकर इस वर्ष 12 दिनों तक कर दी गई है, जो कि 11 मार्च तक चलेगा।
श्याम बाबा के फाल्गुनी मेले के दौरान जयपुर के नारायण ज्योति शोध संस्थान द्वारा रींगस रोड पर 7 से 10 मार्च तक 20वें निःशुल्क भंडारे का आयोजन किया जाएगा। आयोजक पं. प्रहलाद शर्मा ने बताया कि इस भंडारे में रींगस से पैदल आने वाले श्रद्धालुओं के लिए भोजन, चिकित्सा और आवास की निःशुल्क व्यवस्था उपलब्ध कराई जाएगी। इसके अलावा, बाबा श्याम की दिव्य झांकियों के दर्शन, कीर्तन और जागरण जैसे भक्ति कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।






