महाराष्ट्र में पुलिस ने शुक्रवार देर रात नागपुर हिंसा मामले में हामिद इंजीनियर को गिरफ्तार किया। हामिद माइनॉरिटीज डेमोक्रेटिक पार्टी का कार्यकारी अध्यक्ष है। इस बारे में जानकारी डीसीपी नागपुर लोहित मतानी ने दी। इससे पहले, हफ्ते की शुरुआत में नागपुर में हुई हिंसा के सिलसिले में शुक्रवार को 14 लोगों को गिरफ्तार किया गया था, जिससे अब तक गिरफ्तार किए गए लोगों की कुल संख्या 105 हो गई। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार किए गए लोगों में 10 किशोर भी शामिल हैं। घटना से जुड़ी तीन और एफआईआर दर्ज की गई हैं।
दरअसल, 17 मार्च को नागपुर के कई इलाकों में बड़े पैमाने पर पथराव और आगजनी की घटनाएं सामने आई थीं। ऐसी अफवाह फैली थी कि छत्रपति संभाजीनगर जिले में स्थित औरंगजेब की कब्र को हटाने की मांग को लेकर विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) के नेतृत्व में हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान पवित्र शिलालेखों वाली चादर को नुकसान पहुंचाया गया।
17 आरोपियों को पुलिस हिरासत में भेजा गया
इस बीच, नागपुर की एक स्थानीय अदालत ने हिंसा के मामले में गिरफ्तार 17 आरोपियों को 22 मार्च, शनिवार तक पुलिस हिरासत में भेज दिया। अदालत ने कहा कि आरोपियों पर लगाए गए अपराध “गंभीर प्रकृति” के हैं, इसलिए उनसे हिरासत में पूछताछ आवश्यक है। इन आरोपियों को गुरुवार रात मजिस्ट्रेट मैमुना सुल्ताना के सामने पेश किया गया। पुलिस ने उनकी सात दिनों की हिरासत मांगी थी, लेकिन अदालत ने केवल दो दिन की मंजूरी दी। इन लोगों को गणेश पेठ पुलिस थाने में दर्ज प्राथमिकी के तहत गिरफ्तार किया गया है। अदालत ने बचाव पक्ष के वकीलों की इस दलील को अस्वीकार कर दिया कि 17 में से केवल चार लोगों का नाम प्राथमिकी में दर्ज है और बाकी की कोई विशेष भूमिका नहीं थी।
आरोपी फहीम खान ने जमानत मांगी
मुख्य आरोपी फहीम खान ने जमानत के लिए सत्र न्यायालय में याचिका दायर की है। उसने दावा किया कि उसकी गिरफ्तारी “राजनीतिक प्रतिशोध” के तहत हुई है, क्योंकि उसने वीएचपी कार्यकर्ताओं के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। माइनॉरिटीज डेमोक्रेटिक पार्टी के शहर अध्यक्ष खान को दंगा और आगजनी की घटनाओं के दो दिन बाद, 19 मार्च को गिरफ्तार किया गया था और पुलिस हिरासत में भेजा गया था। शुक्रवार को उसकी रिमांड समाप्त होने के बाद, अदालत ने उसके खराब स्वास्थ्य को देखते हुए उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया। पुलिस ने कहा कि वे आगे उसकी हिरासत की मांग करेंगे।





