लंबे समय से टैटू और कैंसर के बीच संबंध को लेकर चर्चा हो रही है। हाल ही में एक नई स्टडी में इसका खुलासा हुआ है, जो रिसर्च जर्नल में प्रकाशित हुई है। इस शोध में पाया गया है कि जितना बड़ा टैटू होगा, कैंसर होने का खतरा उतना ही अधिक होगा। अगर आप टैटू के शौकीन हैं, तो यह जानकारी आपके लिए जरूरी है।
टैटू से किस प्रकार के कैंसर का खतरा?
बीएमसी पब्लिक हेल्थ रिसर्च के अनुसार, करीब 2 हजार लोगों पर एक तुलनात्मक स्टडी की गई। इसमें टैटू वाले और बिना टैटू वाले लोगों के सैंपल का अध्ययन किया गया। शोध में पाया गया कि टैटू कराने वालों में दो प्रकार के कैंसर का जोखिम अधिक होता है:
• स्किन कैंसर: 137% अधिक
• ब्लड कैंसर (लिंफोमा): 173% अधिक
टैटू इंक से कैंसर का कारण
अंतरराष्ट्रीय कैंसर अनुसंधान एजेंसी के अनुसार, टैटू के काले इंक में मौजूद कार्बन ब्लैक और रंगीन इंक में मौजूद एजो कंपाउंड्स कैंसर का कारण बन सकते हैं। खासकर, सूर्य के प्रकाश या लेजर ट्रीटमेंट के संपर्क में आने पर ये कंपाउंड्स कैंसरजन्य हो सकते हैं। शोधकर्ताओं का मानना है कि टैटू की स्याही के कण शरीर में फैलकर लसीका ग्रंथियों में जमा हो सकते हैं, जिससे कैंसर का खतरा बढ़ जाता है।
टैटू बनवाते समय ध्यान रखने योग्य बातें
• टैटू छोटा और सादा बनवाएं।
• डार्क और रंगीन इंक से बचें।
• अच्छी गुणवत्ता वाली नीडल और स्याही का ही उपयोग करें।
• अनुभवी टैटू आर्टिस्ट से ही टैटू बनवाएं।
• टैटू पार्लर को अच्छी तरह जांच परख लें।
• टैटू बनवाने से पहले और बाद में त्वचा की जांच कराएं।
विश्व में टैटू का बाजार तेजी से बढ़ रहा है। वर्तमान में इसका मूल्यांकन 2.22 मिलियन डॉलर है और 2032 तक यह 4.83 मिलियन डॉलर तक पहुंचने की उम्मीद है। टैटू बनवाने का ट्रेंड भी 20-25% बढ़ा है।
नोट:- टैटू बनवाने से पहले इसके स्वास्थ्य प्रभावों को समझना बेहद जरूरी है। जागरूकता और सावधानी से ही हम कैंसर के खतरे को कम कर सकते हैं।






