महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे पर की गई कथित आपत्तिजनक टिप्पणी के मामले में बॉम्बे हाई कोर्ट ने स्टैंड-अप कॉमेडियन कुणाल कामरा को बड़ी राहत दी है।
शुक्रवार को कोर्ट ने कुणाल कामरा को इस मामले में गिरफ्तारी से अंतरिम सुरक्षा प्रदान की। हालांकि, कोर्ट ने एकनाथ शिंदे के खिलाफ ‘देशद्रोही’ टिप्पणी से जुड़ी एफआईआर पर जांच रोकने की मांग अस्वीकार कर दी। कुणाल कामरा ने सोशल मीडिया पर एकनाथ शिंदे के खिलाफ कथित तौर पर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी, जिसके चलते मुंबई के खार पुलिस स्टेशन में उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। इसके खिलाफ और गिरफ्तारी से बचने के लिए कामरा ने बॉम्बे हाई कोर्ट का रुख किया था।
कोर्ट की टिप्पणी
जस्टिस सरंग कोटवाल और जस्टिस एसएम मोदक की खंडपीठ ने कामरा की याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा, “जब तक इस याचिका पर सुनवाई चल रही है, तब तक याचिकाकर्ता (कुणाल कामरा) को गिरफ्तार नहीं किया जाएगा। हालांकि, जांच जारी रह सकती है।” कोर्ट ने यह भी निर्देश दिया कि यदि पुलिस को कुणाल का बयान दर्ज करना है, तो वह चेन्नई में लिया जाए, जहां वे रहते हैं। पुलिस को इसके लिए पूर्व सूचना देनी होगी। साथ ही कोर्ट ने यह भी कहा कि यदि इस बीच पुलिस चार्जशीट दाखिल करती है, तो संबंधित अदालत उस पर कोई भी कार्यवाही नहीं करेगी। कुणाल कामरा ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पूछताछ में सहयोग देने की भी सहमति दी है।
कुणाल कामरा की दलील
कामरा ने कहा कि उनकी टिप्पणी अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के तहत आती है और उसे एक व्यंग्यात्मक रूप में देखा जाना चाहिए। हालांकि कोर्ट ने जांच रद्द करने की उनकी मांग नहीं मानी, लेकिन गिरफ्तारी से संरक्षण देकर उन्हें फिलहाल राहत दी है।





