
चंडीगढ़ के सेक्टर-11 में 7 अक्टूबर को हरियाणा के आईपीएस अधिकारी वाई पूरण कुमार ने खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी। अभी तक उनके शव का पोस्टमार्टम नहीं हो पाया है, क्योंकि परिवार आरोपी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग पर अड़ा हुआ है।
वाई पूरण कुमार की आत्महत्या के मामले को लेकर न्याय संघर्ष मोर्चा ने एक कमेटी का गठन किया है। रविवार दोपहर 3 बजे चंडीगढ़ के सेक्टर-20 स्थित गुरु रविदास भवन में महापंचायत आयोजित की गई। महापंचायत में निर्णय लिया गया कि हरियाणा के डीजीपी शत्रुजीत कपूर को पद से हटाया जाए और उनकी गिरफ्तारी की जाए। साथ ही, हाईकोर्ट के जज से जांच कराने की मांग की गई। सरकार को 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया गया है, यदि इस अवधि में कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन को तेज किया जाएगा। इस आंदोलन में शहर की सफाई व्यवस्था ठप करने सहित कई अन्य चरणबद्ध आंदोलन शामिल होंगे। संघर्ष समिति ने यह दावा भी खारिज कर दिया कि हरियाणा सरकार आईपीएस पूरण कुमार की बेटी को डीएसपी बनाने या कोई अन्य पद देने का प्रस्ताव कर रही है। समिति ने कहा कि सरकार जनता को भ्रमित करने के लिए ऐसी खबरें फैला रही है।
कमेटी के अध्यक्ष सेवानिवृत्त प्रोफेसर जय नारायण ने बताया कि महापंचायत में यह तय किया गया कि सरकार 48 घंटे के भीतर डीजीपी शत्रुजीत कपूर को पद से हटाए। शाम को पंजाब के राज्यपाल को ज्ञापन भी सौंपा जाएगा। 48 घंटे बाद संघर्ष समिति आगे की रणनीति तय करेगी और चंडीगढ़ में सफाई सेवाएं बंद कर देगी। समिति के सदस्य गुरमिल ने बताया कि अभी तक परिवार और सरकार के बीच किसी प्रकार की सहमति नहीं बनी है। परिवार और दलित संगठनों की एक ही मांग है, सबसे पहले दोषियों पर कार्रवाई की जाए। परिवार का स्पष्ट कहना है कि डीजीपी शत्रुजीत कपूर और एसपी रोहतक को गिरफ्तार किया जाए।
महापंचायत के बाद लोगों से शांतिपूर्वक घर जाने की अपील की गई। हालांकि, कुछ कार्यकर्ता राजभवन की ओर जाने की तैयारी में थे और कुछ लोगों ने सड़क पर नारेबाजी शुरू कर दी। महापंचायत की ओर से स्पष्ट किया गया कि फिलहाल कोई प्रदर्शन नहीं किया जा रहा है और बाहर की नारेबाजी व्यक्तिगत स्तर पर हो रही है। पुलिस प्रशासन मौके पर मौजूद था और उसने लोगों को आगे बढ़ने से रोक दिया। कार्यक्रम के दौरान कुरुक्षेत्र के पूर्व सांसद राजकुमार सैनी के बयान पर हंगामा भी हुआ। सैनी ने कहा, “हम वाल्मीकि की पूजा करते हैं, वो स्वयं ब्राह्मण थे।” इस बयान के बाद लोगों ने कड़ा विरोध किया और माहौल तनावपूर्ण हो गया। बाद में आयोजकों ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की, जिसके बाद स्थिति पर नियंत्रण पाया गया।
इससे पहले, चंडीगढ़ के सेक्टर-11 स्थित कोठी में एडीजीपी पूरण कुमार की पत्नी और आईएएस अधिकारी अमनीत पी कुमार के साथ राजेश खुल्लर, गृह विभाग की सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा, अमनीत के विधायक भाई और दो वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। करीब तीन घंटे चली बैठक के बाद अमनीत अपने भाई के साथ सेक्टर-24 स्थित सरकारी आवास लौट आईं। फिलहाल, हरियाणा सरकार और चंडीगढ़ पुलिस अमनीत की सहमति प्राप्त करने के प्रयास में जुटी है। चंडीगढ़ की एसएसपी कंवजीत कौर भी पिछले तीन घंटे से सेक्टर-24 में मौजूद हैं। इस बीच, जजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अजय सिंह चौटाला और हरियाणा के पूर्व उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला रविवार को सेक्टर-24 स्थित अमनीत पी कुमार के सरकारी आवास पहुंचे। उन्होंने स्वर्गीय एडीजीपी वाई पूरण कुमार को श्रद्धांजलि अर्पित की और अमनीत पी कुमार से मुलाकात कर संवेदना व्यक्त की।





