
नीतीश कुमार एक बार फिर, 10वीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने जा रहे हैं। 20 नवंबर को नई सरकार के शपथ ग्रहण समारोह की तैयारियाँ ज़ोरों पर हैं। भाजपा, जदयू और हम के साथ इस बार पहली बार चिराग पासवान और उपेंद्र कुशवाहा की पार्टियों के नेता भी मंत्री पद की शपथ लेंगे।
- नई सरकार में भाजपा और जदयू से 16-16 मंत्री
- लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) से 2 मंत्री
- हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा से 1 मंत्री
- राष्ट्रीय लोक मोर्चा से 1 मंत्री
बिहार में एनडीए नेतृत्व वाली नई सरकार गठन की प्रक्रिया तेज हो चुकी है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार कैबिनेट बैठक के बाद राज्यपाल को इस्तीफा सौंपेंगे, जिसके तुरंत बाद नई सरकार बनाने की औपचारिक प्रक्रिया शुरू होगी। 20 नवंबर को होने वाले समारोह में नीतीश कुमार के साथ करीब 36 मंत्री शपथ ले सकते हैं। मंत्री पदों का फ़ॉर्मूला भी निर्धारित कर लिया गया है। एनडीए के सभी घटक दलों के नेता, मुख्यमंत्री आवास पर उनसे मुलाकात कर चुके हैं।
दिल्ली में हुई थी अहम बैठक
रविवार को दिल्ली में पीएम नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में एनडीए के वरिष्ठ नेताओं की बैठक आयोजित हुई, जिसमें नई सरकार की रूपरेखा तय की गई। इससे पहले गृह मंत्री अमित शाह, जदयू के संजय झा, केंद्रीय मंत्री ललन सिंह और भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा की बैठक में यह स्पष्ट किया गया कि किस दल से कितने मंत्री लिए जाएंगे। इधर एनडीए के सभी घटक दल अपने-अपने विधायक दल के नेताओं का चयन कर रहे हैं। चिराग पासवान ने अपने दल का नेता राजू तिवारी को चुना है।
मंत्री बनाने का फ़ॉर्मूला
दिल्ली बैठक में यह तय हुआ कि हर 6 विधायकों पर 1 मंत्री बनाया जाएगा। इस हिसाब से जदयू के खाते में मुख्यमंत्री सहित 16 मंत्री, भाजपा के हिस्से में दो डिप्टी सीएम सहित 16 मंत्री और लोजपा (रामविलास) को 2 मंत्री पद दिए जाने की बात सामने आई है। हालांकि चिराग पासवान की पार्टी 19 विधायकों के आधार पर 3 मंत्री पद की मांग कर रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि भाजपा सबसे बड़ी पार्टी होने के कारण 16 मंत्री और जदयू 15 मंत्री (सीएम सहित) को शपथ दिला सकती है। यदि जदयू एक मंत्री पद छोड़ती है, तो चिराग पासवान की पार्टी को 3 मंत्री पद मिलने का रास्ता खुल सकता है।
एनडीए की सीटें
243 सदस्यीय विधानसभा में एनडीए ने 200 से अधिक सीटों पर जीत दर्ज कर पूर्ण बहुमत हासिल किया। इसमें भाजपा ने 89, जदयू ने 85, लोजपा (रामविलास) ने 19, हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा ने 5 और राष्ट्रीय लोक मोर्चा ने 4 सीटें जीतीं।






