
मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) और कथित वोट चोरी के मुद्दे को लेकर कांग्रेस ने दिल्ली के रामलीला मैदान में एक विशाल रैली का आयोजन किया। इस रैली को लेकर राजनीतिक दलों के बीच तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आईं। राजद सांसद मनोज कुमार झा ने कहा कि असल मुद्दा निष्पक्ष चुनाव का है, लेकिन उससे ध्यान भटकाया जा रहा है। वहीं भाजपा नेता शाहनवाज हुसैन ने कांग्रेस पर पलटवार करते हुए रैली को विफल करार दिया।
राष्ट्रीय राजधानी में कथित ‘वोट चोरी’ के खिलाफ कांग्रेस की रैली पर प्रतिक्रिया देते हुए राजद सांसद मनोज कुमार झा ने कहा कि निष्पक्ष चुनाव जैसे मूल प्रश्नों से ध्यान हटाया जा रहा है, जबकि इस दिशा में चुनाव आयोग की सक्रिय भूमिका जरूरी है। उन्होंने बिहार चुनाव के दौरान हुए वित्तीय लेन-देन का हवाला देते हुए कहा कि इससे किसी भी तरह वोटों में हेराफेरी की कोशिश के संकेत मिलते हैं।
उधर, भाजपा नेता शाहनवाज हुसैन ने कांग्रेस की रैली को लेकर कहा कि यह पूरी तरह असफल साबित होगी। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस अपने ही कर्मों का परिणाम भुगत रही है और ईवीएम, एसआईआर तथा चुनाव आयोग पर दोषारोपण कर रही है। हुसैन के मुताबिक, कांग्रेस के नेता स्वयं इन मुद्दों और अपने नेतृत्व पर सवाल उठा रहे हैं और इन्हीं सवालों से बचने के लिए रैली का आयोजन किया गया है। उन्होंने कहा कि केवल भीड़ जुटाने से कुछ हासिल नहीं होगा। साथ ही याद दिलाया कि दिल्ली की जनता कांग्रेस को पहले ही शून्य पर ला चुकी है और बिहार में भी उसे महज छह सीटें मिली थीं।
रामलीला मैदान में हुई रैली पर ओडिशा कांग्रेस के प्रभारी अजय कुमार लल्लू ने कहा कि देश में लोकतंत्र को बंधक बना लिया गया है और मौजूदा भाजपा सरकार वोट चोरी की सरकार है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने विभिन्न राज्यों में प्रेस वार्ताओं के जरिए हर वोटर और हर बूथ से जुड़ी जानकारी जनता के सामने रखी है। लल्लू का आरोप था कि भाजपा लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर कर तानाशाही की ओर बढ़ रही है।
वहीं आम आदमी पार्टी के दिल्ली अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने कांग्रेस की रैली पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनकी ओर से कांग्रेस को जन-जागरूकता के किसी भी प्रयास के लिए शुभकामनाएं हैं। हालांकि उन्होंने सवाल उठाया कि जिस दिल्ली में कांग्रेस आज वोट चोरी के खिलाफ रैली कर रही है, वहीं एक साल पहले जब आम आदमी पार्टी के नेता वोट चोरी के सबूत सामने रख रहे थे, तब कांग्रेस चुप थी। भारद्वाज ने पूछा कि क्या राहुल गांधी दिल्ली में वोट चोरी के मुद्दे पर खुलकर बात करेंगे या इससे बचेंगे, क्योंकि यदि वे बचते हैं तो यह नैरेटिव केवल उनकी पार्टी तक सीमित रह जाएगा, देश के हित में नहीं होगा।





