बॉलीवुड को लेकर की गई टिप्पणी के बाद विवादों में आए ऑस्कर विजेता संगीतकार एआर रहमान ने चुप्पी तोड़ी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य किसी की भावनाएं आहत करना नहीं था और उनकी बातों को गलत तरीके से समझा गया। हाल ही में एक इंटरव्यू में एआर रहमान ने बॉलीवुड में सांप्रदायिकता बढ़ने की बात कही थी, जिस पर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आईं। उन्होंने यह भी कहा था कि इस माहौल का असर उनके काम पर पड़ता है। बयान के बाद बढ़े विवाद के बीच रविवार को रहमान ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर अपना पक्ष रखा। एआर रहमान ने कहा कि उनका इरादा कभी भी नफरत फैलाने या किसी को दुख पहुंचाने का नहीं रहा। वे एक संगीतकार हैं और उनका काम लोगों को जोड़ना है। उन्होंने कहा कि उन्होंने केवल अपने अनुभव साझा किए हैं और उनकी फितरत में नफरत नहीं है। कभी-कभी इरादों को गलत समझ लिया जाता है, लेकिन उनका उद्देश्य हमेशा संगीत के जरिए सेवा करना रहा है। पोस्ट के कैप्शन में रहमान ने लिखा—“संगीत, संस्कृति, आभार। हमेशा उस कला और जमीन की सेवा में हूं, जिसने मुझे बनाया।”
‘रामायण’ का संगीत बनाना सम्मान की बात
रहमान ने भारतीय होने पर गर्व जताते हुए कहा कि यह पहचान उन्हें अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता वाली जगह बनाने की ताकत देती है। उन्होंने वेव समिट में प्रस्तुति, नागालैंड के युवा संगीतकारों के साथ काम और बहुसांस्कृतिक वर्चुअल बैंड ‘सीक्रेट माउंटेन’ का जिक्र किया। साथ ही, नितेश तिवारी की फिल्म ‘रामायण’ के लिए हैंस जिमर के साथ संगीत तैयार करने को गर्व और सम्मान की बात बताया।






