
मैरिज रजिस्ट्रेशन कानून में बदलाव करे सरकार- किरीट सौमेया
महाराष्ट्र में कथित ‘लव जिहाद’ मामलों पर नियंत्रण को लेकर किरिट सौमेया ने विवाह पंजीकरण कानून में संशोधन की मांग उठाई है। उन्होंने राज्य के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से अपील करते हुए कहा कि विवाह पंजीकरण के लिए आवेदन होने पर हिंदू युवतियों के माता-पिता को अनिवार्य सूचना देने का प्रावधान किया जाए, ताकि किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी या दबाव की आशंका कम की जा सके।
यह मांग महाराष्ट्र में कानून व्यवस्था को अधिक पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से गुजरात के मॉडल के आधार पर की गई बताई जा रही है। गुजरात में मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में विवाह पंजीकरण प्रक्रिया में संशोधन कर ऐसा प्रावधान किया गया है, जिसमें दूल्हा-दुल्हन के साथ उनके माता-पिता की जानकारी और सहभागिता भी शामिल होती है। राज्य सरकार का कहना है कि इससे फर्जी विवाहों पर रोक लगाने, पारिवारिक सहमति सुनिश्चित करने और प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाने में मदद मिलेगी।
भारतीय जनता पार्टी सांसद सौमेया का दावा है कि ऐसे नियम लागू होने से संदिग्ध मामलों की जांच के लिए प्रशासन को पर्याप्त समय मिलेगा और गलत जानकारी या धोखाधड़ी के आधार पर होने वाले विवाहों को रोका जा सकेगा। हालांकि, इस प्रस्ताव को लेकर सामाजिक और राजनीतिक हलकों में मतभेद भी सामने आए हैं। कुछ संगठनों का मानना है कि इस तरह के प्रावधान व्यक्तिगत स्वतंत्रता और वयस्कों के विवाह संबंधी अधिकारों को प्रभावित कर सकते हैं।






