
अगर एक खामेनेई शहीद हुआ है, तो हजारों खामेनेई उठ खड़े होंगे….
ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या के विरोध में लखनऊ में शिया समुदाय के लोग सड़कों पर उतर आए और शोक प्रदर्शन किया। समुदाय के लोगों ने उनकी मौत पर गहरा दुख जताते हुए नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान कई महिलाएं भी रोती-बिलखती नजर आईं। छोटे इमामबाड़े के पास बड़ी संख्या में लोग जुटे और श्रद्धांजलि अर्पित की। एक प्रदर्शनकारी ने आक्रोश जताते हुए कहा कि खामेनेई को धोखे से मारा गया है, लेकिन अगर एक खामेनेई शहीद हुआ है तो हजारों खामेनेई उठ खड़े होंगे। इस्लामिक सेंटर ऑफ इंडिया के अध्यक्ष मौलाना खालिद रशीद ने हमले की निंदा करते हुए कहा कि एक स्वतंत्र देश पर हमला अंतरराष्ट्रीय कानूनों के खिलाफ है और इसे रोकने के लिए वैश्विक समुदाय को आगे आना चाहिए। वहीं शिया चांद कमेटी के अध्यक्ष मौलाना सैफ अब्बास नक़वी ने कहा कि खामेनेई केवल एक देश के नेता नहीं थे, बल्कि दुनिया भर के मुसलमानों और पीड़ित लोगों की आवाज थे।
खामेनेई की शहादत पर शिया समुदाय ने तीन दिन का शोक घोषित किया है। इस दौरान लोग अपने प्रतिष्ठान बंद रखकर श्रद्धांजलि देंगे। मौलाना कल्बे जवाद ने लोगों से शोक सभाओं में शामिल होने और रात 8 बजे सामूहिक रूप से कार्यक्रम आयोजित करने की अपील की। छोटे इमामबाड़े में शोकसभा के बाद कैंडल मार्च भी निकाला जाएगा।
शिया धर्मगुरु मौलाना यासूब अब्बास ने कहा कि समुदाय शहादत से नहीं डरता और ईरान जवाब देने में सक्षम है। वहीं मौलाना सैयद कल्बे जवाद ने इसे इंसानियत के लिए बड़ा नुकसान बताते हुए कहा कि तीन दिन तक शोक मनाया जाएगा और लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की। तीन दिवसीय शोक के चलते लखनऊ के बड़ा इमामबाड़ा, छोटा इमामबाड़ा और पिक्चर गैलरी रविवार से बंद कर दिए गए हैं, जिससे पर्यटकों को निराश होकर लौटना पड़ रहा है। आसपास की दुकानें भी बंद रहीं और इलाके में सन्नाटा पसरा रहा। कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने खामेनेई को बहादुर नेता बताते हुए कहा कि उन्होंने तमाम प्रतिबंधों के बावजूद अपने देश के लिए काम किया और इतिहास उन्हें साहसी नेतृत्व के रूप में याद रखेगा।
इधर, राजस्थान शिया मुस्लिम महासभा ने भी तीन दिन का शोक घोषित किया है। महासचिव सैय्यद आसिफ अली ने समुदाय से अपील की कि इस अवधि में सभी प्रकार के उत्सवों से दूरी बनाकर मातम मनाया जाए। अजमेर सहित राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में शोक सभाएं आयोजित की गईं, जहां बड़ी संख्या में लोग शामिल होकर दिवंगत नेता को श्रद्धांजलि दे रहे हैं।





