नेपाल सीमा से सटे लखीमपुर खीरी, पीलीभीत, श्रावस्ती, सिद्धार्थनगर और बहराइच के अलावा आसपास के कई इलाकों में 1,000 से ज्यादा मदरसे चल रहे हैं. सूत्रों ने बताया कि पिछले कुछ सालों में इन इलाकों में मदरसों की संख्या तेजी से बढ़ी है. उत्तर प्रदेश में करीब 80 मदरसों की 100 करोड़ की फंडिंग को लेकर विशेष जांच दल (एसआईटी) ने जांच शुरू कर दी है. इन मदरसों को पिछले दो साल में कई देशों से लगभग 100 करोड़ रुपये मिले थे. एसआईटी अब उस मुख्य मदरसे की पहचान करने की कोशिश कर रही है, जिसके तहत इन मदरसों द्वारा यह धनराशि खर्च की गई थी,
उत्तर प्रदेश में लगभग 24,000 मदरसे हैं, जिनमें से 16,500 से अधिक मदरसे यूपी के शिक्षा बोर्ड द्वारा मान्यता प्राप्त हैं. हम इस बात की जांच करेंगे कि विदेशी फंडिंग से मिला पैसा कैसे खर्च किया गया है. संक्षेप में यह जांचना है कि क्या पैसे का इस्तेमाल मदरसा चलाने या किसी अन्य गतिविधियों के लिए तो नही किया जा रहा है?
उधर एटीएस ने बांग्लादेशी नागरिकों और रोहिंग्याओं के अवैध प्रवेश में शामिल एक गिरोह के तीन सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार किया है. जांच में पता चला कि दिल्ली से संचालित एक एनजीओ के जरिए तीन साल में 20 करोड़ रुपये की विदेशी फंडिंग मिली, जिसका इस्तेमाल उनकी मदद के लिए किया जा रहा था. SIT ने कहा कि हमें यदि आवश्यक हुआ तो हम विवरण इकट्ठा करने के लिए R&AW और आईबी जैसी केंद्रीय एजेंटीयों से सहायता लेंगे।





