मुंबई में सीबीआई ने रिश्वतखोरी के मामले में एसईईपीजेड (सांताक्रूज इलेक्ट्रॉनिक्स एक्सपोर्ट प्रोसेसिंग जोन) में तैनात भारतीय राजस्व सेवा (आईआरएस) के दो अधिकारियों सहित कुल सात लोगों को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों के मुताबिक, इन पर बिचौलियों के माध्यम से अवैध रूप से धन लेने का आरोप है। यह कार्रवाई बुधवार को मुंबई में की गई, जिसमें सीबीआई ने भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कदम उठाए। मंगलवार को शुरू हुई इस कार्रवाई में आईआरएस के संयुक्त विकास आयुक्त सीपीएस चौहान, उप विकास आयुक्त प्रसाद वरवंतकर, दो सहायक विकास आयुक्त और तीन अन्य को गिरफ्तार किया गया। इन सभी पर बिचौलियों से रिश्वत लेने का आरोप है।
सीबीआई ने इस दौरान चौहान के पास से 25 संपत्तियों के दस्तावेज जब्त किए, जिनकी अनुमानित कीमत 40 करोड़ रुपये है। साथ ही, सात संदिग्धों के घरों पर तलाशी के दौरान करीब 50 लाख रुपये नकद बरामद हुए, जिसमें से 40 लाख रुपये सहायक विकास आयुक्त रेखा नायर के घर से मिले। हालांकि, गिरफ्तार व्यक्तियों से जुड़े किसी परिचित की प्रतिक्रिया अभी तक नहीं मिल पाई है।
मुंबई में भ्रष्टाचार के मामले में दो आईआरएस अधिकारियों सहित सात लोग गिरफ्तार






