
यह एक्सप्रेसवे उत्तराखंड की वादियों में घूमने जाने वाले पर्यटकों के साथ-साथ व्यापारियों, उद्यमियों और आम यात्रियों के लिए बेहद उपयोगी साबित होगा।
दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के अक्षरधाम से खेकड़ा तक एलिवेटेड हिस्से को ट्रायल रन के लिए खोलने से अब सफर हुआ और भी तेज।
पहले खेकड़ा से दिल्ली पहुंचने में जहां घंटों लगते थे, अब यह दूरी सिर्फ 20–25 मिनट में तय हो रही है।
30 नवंबर की रात से बैरिकेडिंग हटते ही वाहनों ने तेज रफ्तार पकड़ ली और लंबे समय से जाम से जूझ रहे लोगों ने राहत महसूस की। पूरा एक्सप्रेसवे चालू होने के बाद दिल्ली से देहरादून की दूरी ढाई घंटे में पूरी की जा सकेगी, जो अभी 6 से साढ़े 6 घंटे में तय होती है। उम्मीद है कि पूरा मार्ग जल्द ही आम यातायात के लिए खोल दिया जाएगा।
210 किलोमीटर लंबा 6-लेन का यह एक्सप्रेसवे अक्षरधाम को देहरादून से जोड़ता है और लगभग 13,000 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हुआ है। इसका एलिवेटेड हिस्सा दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे से सीधा जुड़ता है, जिससे दिल्ली, पश्चिमी यूपी और उत्तराखंड के बीच सड़क संपर्क काफी तेज हो गया है। यह एक्सप्रेसवे उत्तराखंड की वादियों में घूमने जाने वाले पर्यटकों के साथ-साथ व्यापारियों, उद्यमियों और आम यात्रियों के लिए बेहद उपयोगी साबित होगा। इसकी वजह से कई पुराने मार्गों का जाम भी कम हो जाएगा।
सभी आधुनिक सुविधाओं से लैस एक्सप्रेसवे
इस एक्सप्रेसवे पर पेट्रोल पंप, रेस्टोरेंट, एंबुलेंस, सुरक्षा गश्त और आपातकालीन सेवाओं की सुविधा उपलब्ध रहेगी। साथ ही स्मार्ट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम लगाया गया है, जो वाहनों की गति और सुरक्षा पर नजर रखेगा। पूरी एलिवेटेड सड़क सौर ऊर्जा से रोशन होगी और हाईटेक कैमरे भी लगाए गए हैं। एक्सप्रेसवे के निर्माण में पर्यावरणीय मानकों का पालन किया गया है। राजाजी नेशनल पार्क में 12 किलोमीटर लंबा एशिया का सबसे बड़ा एलिवेटेड जंगल कॉरिडोर तैयार किया गया है, जिसमें जानवरों के लिए छह अंडरपास भी बनाए गए हैं। भविष्य में ई-वाहनों के लिए चार्जिंग स्टेशन भी विकसित किए जाएंगे।
सफल ट्रायल, उद्घाटन जल्द
एनएचएआई के अनुसार ट्रायल रन पूरी तरह सफल रहा। न तो कोई तकनीकी समस्या आई और न ही ट्रैफिक में कोई बाधा। जल्द ही इस एक्सप्रेसवे का औपचारिक उद्घाटन किया जाएगा। इसका शिलान्यास प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2021 में किया था।






