ओडिशा सरकार ने आपातकाल के दौरान जेल गए लोगों के लिए ₹20,000 मासिक पेंशन देने की घोषणा की है।
भुवनेश्वर: ओडिशा की बीजेपी सरकार ने ‘इमरजेंसी’ के दौरान जेल गए लोगों के लिए बड़ा कदम उठाते हुए हर महीने ₹20,000 पेंशन देने की घोषणा की है। इस संबंध में राज्य के गृह विभाग ने एक अधिसूचना जारी की है। इससे पहले 2 जनवरी को मुख्यमंत्री मोहन चरण मांझी ने घोषणा की थी कि आपातकाल के दौरान आंतरिक सुरक्षा अधिनियम, भारत रक्षा नियम या भारत रक्षा एवं आंतरिक सुरक्षा नियम के तहत गिरफ्तार और जेल में बंद लोगों को मासिक पेंशन दी जाएगी।
इलाज का खर्च भी उठाएगी सरकार
सरकार न केवल पेंशन देगी, बल्कि आपातकाल के दौरान जेल गए लोगों के इलाज का खर्च भी वहन करेगी। अधिसूचना में कहा गया है कि यह पेंशन और चिकित्सा सुविधा 1 जनवरी 2025 तक जीवित व्यक्तियों के लिए उपलब्ध होगी।
1 जनवरी 2025 से लागू होंगे लाभ
अधिसूचना में स्पष्ट किया गया है कि पेंशन का लाभ केवल उन्हीं लोगों को मिलेगा जो 1 जनवरी 2025 तक जीवित हैं, चाहे वे कितने भी समय के लिए जेल में रहे हों। यह लाभ 1 जनवरी 2025 से लागू होगा, और इससे पहले के समय के लिए कोई लाभ प्रदान नहीं किया जाएगा।
अन्य राज्यों में भी मिलता है यह लाभ
आपातकाल के दौरान जेल गए लोगों के लिए पेंशन की सुविधा पहले से ही हरियाणा, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान, झारखंड और असम में दी जा रही है। आपातकाल के दौरान 25 जून 1975 से 21 मार्च 1977 के बीच विरोध प्रदर्शन के कारण देशभर में सैकड़ों लोगों को विभिन्न जेलों में कैद किया गया था।




