21 Apr 26 विशिखा मीडिया कहानी- धुनकी स्टेज पर हाथ लहराते हुए हुजूम का अभिनन्दन करते हुए धुनकी को देख आज सियाली को अकस्मात ही अपनी माँ, मंदिर की मूरत सम भीड़…
2 Mar 26 विशिखा मीडिया लखनऊ की एक अलग पहचान कायस्थों की होली लखनऊ की होली, बाहर से देखिए तो लगेगा बस रंग, गुलाल, हँसी-ठिठोली तक नजर आती है। मगर भीतर उतरकर देखिए तो यह शहर फागुन में…
8 Oct 25 विशिखा मीडिया जब घर आना… गरम दाल का छौंक,हींग की महक, महक करबहका दे धीरज कोतुम हौले से गुनगुनाना।गोल चपाती राह देखतीउसे बस याद करकेमाथे की सिलवटेंक्षणिक मिटा आना।दिन भर…
5 Oct 25 विशिखा मीडिया दोहे कोई खुश हमसे यहाँ, तो कोई नाराज़जिसकी जैसी है ग़रज़, उसका वो अन्दाज़ पीत वसन धारण किए, गल में माला चारलगा लिया फिर मंच से,…
15 Aug 25 विशिखा मीडिया विभाजन की विभीषिका; एक दर्द भरी दास्तान संजय सक्सेनावरिष्ठ पत्रकार, लखनऊ 14 अगस्त 1946 की रात थी। आसमान में चाँद लहूलुहान सा लटका था, मानो वह भी उस धरती की त्रासदी का…
11 May 25 विशिखा मीडिया माँ मातृ दिवस पर विशेष... एक पाती माँ के नाम... माँ की लोरी में सुकून हैमाँ चंदन है, कुमकुम है, प्रसून है माँ श्रद्धा है, त्याग…
11 May 25 विशिखा मीडिया माँ.. मातृ दिवस पर विशेष.... एक पाती माँ के नाम... ममता नेह समर्पण सौरभ महके जिसके प्यार में।।रिश्ता माँ से बढ़कर कोई और नहीं संसार…
14 Mar 25 विशिखा मीडिया होली- गोश्त के साथ रंगीन पानी ना हो तो कैसा कायस्थ (हास्य-व्यंग्य) पूरे देश की तरह लखनऊ में भी होली के रंग अलग-अलग देखने को मिलते हैं। यहां आज भले ही किसी एक वर्ग को होली के…
29 Nov 24 विशिखा मीडिया लाल साड़ी पहन कर लाल साड़ीआई थी ब्याह कररस्मों रिवाजों के साथलाई थी संस्कारप्रेम की पोटली बांध करदी थी माँ नेफैला देना घर भर मेंआशीषों के संगबाबुल…
22 Oct 24 विशिखा मीडिया बिखरे ना हमारा बंधन अबकी जो तुमसे बिछड़ा,जीते जी मैं मर जाऊंगा ।रहकर जग में चलते फिरते,जिंदा लाश कहलाऊंगा ।। रह लो शायद तुम मुझ बिन,पर, मेरा जहां तुम…
20 Aug 24 विशिखा मीडिया ऐ वतन, तुझे नमन… हर तरफ किलकारियां हों,नए कलरव में बागबान हों,चौ तरफा "जय भारत "का आल्हाद हों,उन्मुक्त हो गूंजे धरा गगन,तुझको वतन करते नमन।जहां सियासत सच्ची प्रकृति सुरम्य…
15 Aug 24 विशिखा मीडिया वतन की शान वतन की शान की खातिरसुबह और शाम लिख देंगेकरे दुश्मन अगर धोखातो इंतकाम लिख देंगेमिटा देंगे खुद को हमदेश के शान की खातिरजो ललकारे अगर…
27 Nov 23 विशिखा मीडिया साथी आज मैं सेवानिवृत्त हो रहा हूँ पैंतीस साल के नौकरी के बाद। मेरे पास सबकुछ था लेकिन साथ में बैठकर बातें करने वाला न था।…